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*मुख्यमंत्री की मंशा विक्रम विश्वविद्यालय की पहचान कुछ अलग हटकर हो-कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह*

यह समय विश्वविद्यालय के लिए अमृत काल का समय:कुलगुरु प्रो अर्पण भारद्वाज

उज्जैन 25 जुलाई 2025। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की पहचान कुछ अलग हटकर ऐसी होनी चाहिये कि, हरेक स्तर पर यह विश्वविद्यालय अपना परचम फहराए। यह मंशा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव की रही है और भविष्य में इस विश्वविद्यालय के कल्याण के लिए वह बहुत कुछ करने वाले हैं। अब इसके लिए हमारा कर्तव्य है कि,विक्रम विश्वविद्यालय को अग्रणी बनाने के लिए प्राणपण से जुट जाएं।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह ने उपरोक्त उद्गार विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहे सर्वांगीण विकास में कार्यपरिषद् सदस्यों और कुलगुरु के महत्वपूर्ण योगदान पर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय प्राध्यापक कल्याण परिषद उज्जैन द्वारा आयोजित किए गए सारस्वत सम्मान 2025 कार्यक्रम में अपने स्वागत के प्रत्युत्तर में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय प्राध्यापक कल्याण परिषद द्वारा आयोजित सारस्वत सम्मान समारोह में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज सहित कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह, रुप पमनानी, वरूण गुप्ता, डाॅ संजय वर्मा, श्रीमती मंजूषा मिमरोट, श्रीमती कुसुमलता निगवाल, प्रो एस के मिश्रा, डाॅ दीपक गुप्ता, डाॅ कामरान सुल्तान एवं डाॅ अलका व्यास, डाॅ कमलेश दशोरा और कुलसचिव डाॅ अनिल कुमार शर्मा का विश्वविद्यालय की समस्त अध्ययनशाला और संस्थानों द्वारा शॉल, स्मृति चिन्ह व श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा कि,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में इस विश्वविद्यालय को नई-नई सौगात प्राप्त हो रही है। यह समय विश्वविद्यालय के लिए अमृतकाल का समय है और इस समय का लाभ विश्वविद्यालय को प्राप्त होना चाहिए। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की कल्याण की बात पहले आती है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश की संख्या बड़े और रिजल्ट जल्दी जारी किए जाएं यह हमारी प्राथमिकता होती है। कुलगुरू प्रो भारद्वाज का कहना था कि, यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव की कर्मभूमि और राजनीतिक भूमि भी है और आज वह विश्वभर में इस विश्वविद्यालय की पहचान स्थापित कर रहे हैं। हमें और हमारे विद्यार्थियों के लिए यह गौरवान्वित करने वाला समय चल रहा है। अतिथियों का स्वागत प्राध्यापक कल्याण परिषद अध्यक्ष डॉ. हेमंत लोदवाल एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ सुशील कुमार शर्मा द्वारा किया गया। अतिथियों का सम्मान डाॅ नेहा माथुर डॉ. प्रीति पाण्डे, डाॅ उमा शर्मा, डॉ. राकेश पांडे, डॉ. जितेश पोरवाल, डॉ. मनीष चोरे, डॉ. संतोष ठाकुर, सचिव डॉ.अजय शर्मा, डॉ. मुकेश वाणी ने किया। संचालन डॉ. रुचिका खंडेलवाल ने किया तथा आभार सचिव डॉ. अजय शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।

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