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भोजन से करें ग्रहों को मजबूत

क्‍या आप जानते हें की भोजन करने का सही तरीका हमारे जीवन शक्‍ति पर असर डालता है। ठीक उसी प्रकार आनुवंशिक कारक का असर हमारी शारीरिक और मानसिक विशेषताओं पर भी पडता है। इसके अलावा ग्रहों का भी हमारी शारीरिक, मानसिक, व्यवहार दृष्टिकोण और अभिव्यक्ति पर भी एक प्रभाव पडता है। नवग्रहों को प्रसन्न करने के लिए उपासना, यज्ञ और रत्न आदि धारण करने का विधान है। हम लोग जड़ की अपेक्षा सीधे जीव से संबंध स्थापित रखें तो ग्रह अतिशीघ्र प्रसन्न हो सकते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार ज्योतिष ग्रंथ जातक पारिजात में बताया गया है, व्यक्ति किस तरह का भोजन करता है, इसका सीधा संबंध ग्रहों से है। यथोचित और शुद्ध भोजन ग्रहण करके भी नवग्रहों को प्रसन्न किया जा सकता है। 

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की जब एक व्यक्ति का जन्म होता है, उस समय ग्रहों के आधार पर उसकी जन्म कुंडली को देख कर एक वेदिक ज्‍योतिषी उसके या उसके शारिरिक गठन और उसके लिए उपयुक्‍त भोजन के बारे में बता सकता है। यह कार्य वह ग्रहों का विश्लेषण करके करता है। भविष्य का बयान करने वाले प्रकृति तरीके के अलावा, वैदिक ज्योतिष एक समान रूप से प्रभावी चिकित्सा तकनीक है जिसमें कई विभिन्‍न प्रकार के प्रभावी चिकित्सा और सुरक्षा उपाय होते है। आयुर्वेदिक चिकित्‍सा के सभी पहलुओं में से कम से कम एक अप्रत्‍यक्ष तरीका है जो ग्रहों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है और तीन चीजों को, वात, पित्‍त और कफ को संतुलन में लाने की कोशिश करता है। 

कैसे करें सही भोजन की पहचान - 

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार सही आहार की पहचान करने के लिए जरुरी है कि सबसे पहले कुंडली में देखा जाए क‍ि कौन सा ग्रह निर्धारित है। आम तौर पर, लग्‍न और लग्‍न स्‍वामि होता है, जो खास तौर पर शरीर और समग्र व्यक्तित्व से संबंधित होता है। लेकिन ग्रहों की वजह से लग्‍न के मजबूत पहलुओं और संघों में बदलाव भी हो सकते हैं।

कि‍स तरह से आहार का सेवन करें? 

जब वात या वात ग्रह बहुत अधिक हो या कुंडली पर भारी पड़ रहा हो, तो मीठा, खट्टा, नमकीन और तीखे स्वाद के उपयोग की सलाह दी जाती है। जिनमें अनाज, सेम, जड़ वाली सब्जियां, बीज, नट और डेयरी उत्पादों के पोषक आहार शामिल होते हैं। इसके साथ ही अदरक, दालचीनी, इलायची जैसे हल्‍के मसालों के अलावा चवनप्राश शामिल हैं, जो कि शरीर के लिए बहुत अच्‍छे होते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार जब कफ बहुत अधिक हो, तब तीखे, कसैले और कड़वे स्वाद का उपयोग करना चाहि‍ए। एक हल्का आहार जि‍समें कि मिठे, नमकीन, खट्टे और तेल जैसे खाद्य पदार्थो के अलावा डेयरी उत्पाद भी मि‍ला हो तो वह बहुत अच्छा होगा। गरम मसाले जैसे अदरक और काली मिर्च का उपयोग, वजन कम करने में मदद करता है। जब पि‍त्‍त काफी ज्‍यादा हो तो, कड़वे, कसैले और मीठी जड़ी बूटि‍यों के खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। अच्‍छे ग्रह उपचार के लि‍ए ठंडे मसालों जैसे हल्‍दी और धि‍नया का भी उपयोग कि‍या जा सकता है। 

अपने कमजोर ग्रह को पहचानें ---
ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यह जानना महत्‍वपूर्ण है कि‍ कि‍स तरह से ग्रह आपके जीवन को प्रभावि‍त करते हैं। यह आपके जीवन में सही र्नि‍णय और वांछि‍त लक्ष्‍यों को करीब से पहचानने में मदद करने के साथ साथ आपको सफलता तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। तो आप कि‍स बात का इंतजार कर रहे हैं। जि‍तनी जल्‍दी हो सके अपनी कुंडली की एक झलक से पहचानि‍ए अपने अच्‍छे और बुरे ग्रहों को और फि‍र झट से खोज डालि‍ए उनके सरल उपाय।

राशियों दा्रा वर्गीकरण - 
मेष, सिंह, वृश्चिक प्रकृति वाले ज्वलंत होते हैं। 
वृषभ , कर्क, तुला, धनु, मीन लोगों का प्रकृती पानी है यानि वह सुस्त होगें। 
मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि की प्रकृति हवादार होती है।

ग्रहों के आधार पर प्रभुत्‍व - 
सूर्य, मंगल और केतु, पित्त निर्वाचन क्षेत्र हैं। 
जो गर्म और तेजस्वी स्वभाव के होते हैं |
बृहस्पति, चंद्रमा, और शुक्र, कफ निर्वाचन क्षेत्र हैं और यह सुस्त प्रभाव के होते हैं। 
शनि बुध, और राहु वात निर्वाचन क्षेत्र हैं और इनका हवा स्वभाव है |अर्थात वायु तत्व |

भोजन से ग्रह बदले
पूजा और व्यवहार से ग्रहों को अपने अनुकूल करे स्वयं को परिवर्तित करे

भोजन द्वारा कैसे ठीक करें सूर्य को--
किसी का सूर्य कुपित हो या नीच का हो के बुरे परिणाम दे रहा हो  तो  आदमी को नमक कम खाना चाहिए |गुड़ जरूर खाए ,विटामिन डी जरूर ले |सूर्य यदि 11वे भाव में हो और मांसाहार  शराब  खाता हो तो संतान का सुख बेहद कठिनाई से मिलता है | 11 वे भाव का सूर्य संतान से रिलेशन ख़राब कर देगा | यदि सूर्य 11वे भाव में है और यदि  ख़राब  है तो संतान होने के बाद भी यदि ऐसा व्यक्ति शराब और मांसाहार का सेवन करे तो उसके संतान के साथ संबंध बहुत ख़राब हो जाते है और उसकी संतान उससे बहुत दूर चली जाती है |
आपको मोक्ष तब मिलेगा जब आप अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वाह कर सके लेकिन यदि सूर्य ख़राब है तो आप अपने दयित्ब आसानी से निभा नहीं पाएंगे ,लोग इतना उलझ जाते है की हो ही नहीं पाता | खास तौर पे यदि आप मांस मदिरा इत्यादि का सेवन करते है तो आपको अपने पुत्र से वियोग झेलना पड़ेगा | जाड़ो में अधिक  तली हुई वस्तुए नहीं खानी चाहिये वरना नुकसान होगा (जबकि जाड़ो में अधिक तली हुई वस्तुये बहुत पसंद आती है )
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चंद्रमा कुपित हो के बुरे परिणाम देने लगे तो कभी भूलकर भी मांसाहार मत लीजियेगा
जल पिये विटामिन c जरूर ले ,चंद्रमा जब भी ख़राब होगा शरीर में जल की कमी कर देगा और बहुत नुकसान देगा ,
यदि ऐसे में चंद्रमा की महादशा भी शुरू हो जाये तो ठंडी वस्तुओ का प्रयोग एक दम बंद कर दे ,और फ्रिज की रखी हुई चीज़े जिसमे केला आता है ,चावल आता है ,दही आता है ऐसी वस्तुओ का प्रयोग आपको एकदम बंद कर देना चाहिए ,या वो चीज़े खाना बंद कर दीजियेगा जिसमें पिपरमिंट होता है मेंथोल होता है , नहीं तो आप काफी परेशानी में आते है ,खास तौर पे एकादशी को चावल छुए भी नहीं

यदि जन्म कुंडली में वृष, कर्क, तुला ,धनु , मकर ,कुम्भ का चंद्रमा हो तो रात को दूध पीना सामान्यतः अच्छे परिणाम नहीं देता रात को दूध वही लोग पिये जिनका digestive सिस्टम बहुत मजबूत हो और भोजन करने के 3-3.5 घंटे बाद वो सोते हो ,अन्यथा रात का दूध पीना avoid करना चाहिये | सर्वोत्तम तो ये है की यदि सूर्यास्त के 1 घंटे के अन्दर आप भोजन कर लेते है तो रात को दूध पिये तो फिर भी ठीक रहता है आपकी सेहत के लिये |
चंद्रमा या शुक्र ख़राब हो तो कफ अधिक होगा ,और रात का दूध आपको नुकसान ही देगा |यदि सप्तम में चंद्रमा हो तो और विवाह में मांसाहार और शराब का सेवन ,तो विवाह में जीवन भर परेशानी रहेगी | कुंडली मिला ली सब कुछ कर लिया वगैरह वगैरह सब कर लिया और मान लो
विवाह घोषित कर दिया की 36 में से 30 गुण मिल गए है कोई भकूट नहीं है कोई योनि नहीं है लेकिन परेशानिया तो है ,सप्तम अच्छा होने के बावजूद यदि परेशानिया है यदि जिस मुहूर्त में किसी रिश्ते का जन्म हुआ है वो यदि अशुद्ध हो गया या उस मुहूर्त में कुछ ऐसे कार्य किये गए|

जैसे पुनर्वसु नक्षत्र में विवाह का मुहूर्त निकला था उस समय में विवाह किया गया लेकिन विवाह में जम के शराब पी जा रही थी परोसी जा रही थी.कोई बाहर से पी के आ गया वो नहीं काउंट होगा लेकिन लड़के और लड़की वालो की तरफ से शराब परोसी जा रही थी विवाह में नॉन veg भी था.तो इस रिश्ते में 101% परेशानिया होंगी ,कमजोरिया  होंगी क्यूंकि हमने मुहूर्त के गुण के विपरीत जा के कार्य किया मुहूर्त को अशुभ किया और अशुभ मुहूर्त में रिश्ते को जन्म दिया तो इस रिश्ते में परेशानिया जरूर होंगी और अशुभ मुहूर्त में हमने उस रिश्ते को जन्म दिया |
रिश्ता अच्छा फल नहीं देगा चाहे कुण्डली कितनी भी मजबूत क्यूँ न हो , ये जरूर हो सकता है की विवाद कोर्ट तक न पहुंचे लेकिन विवाद तो जरूर होगा अशुभ चंद्रमा सातवे भाव में हो और शुक्र भी अच्छा न हो तो मांस मदिरा का सेवन करने वाले का पूरा जीवन बेकार हो जाता है |यहाँ तक की उसकी पुश्तैनी जमीन जायदाद तक बिक जाएगी |

यदि आपको चोट लग जाये और हलकी फुलकी चोट हो और बाद हवासी /घबराहट हो जाये तो एक कप गरम दूध ले के उसमें एक चुटकी हल्दी डाल के पिए (जैसे करंट लग जाये हल्का सा या ऐसा कुछ छोटा मोटा चोट  )

मंगल यदि कुपित अवस्था में है तो  बहुत खतरनाक है क्यूंकि मंगल की अवस्था में परमानेंट रोग हो जाता है चंद्रमा की अवस्था इतनी खतरनाक नहीं है फिर भी मैनेज हो जाती है | लेकिन मंगल यदि कुपित हो जाये तो मंगल की कुपित अवस्था स्थायी नुकसान देगी यानि कोई रोग हो जाये तो आसानी से ठीक नहीं होगा यानि उसकी दवायिया और परहेज स्थायी रूप से चलते रहेंगे ख़राब मंगल वाले लोगो को देर रात भोजन नहीं करना चाहिए |

जिनका मंगल ख़राब है उन्हें देर रात कभी भी भोजन नहीं करना चाहिये अगर रात की ड्यूटी भी है तो रात को 8-9 बजे एक रेसेस में जाये भोजन
करे और उसके बाद कुछ न खाये हलकी फुलकी energising कुछ चीज़ ले सकते है जैसे कुछ एनर्जी  ड्रिंक वगैरह |

जिन लोगो का मंगल कुपति अवस्थ में है उन्हें धूप में नहीं घूमना चाहिए सुबह 10 बजे से 4 बजे तक (ये एक खास उपाय है )
unfortunately बहुत से लोग जो मंगली  है उन्हें ऐसा करना पड़ता है उन लोगो को खास ख्याल रखना चाहिये ,जो लोग मंगली है
या मंगल दोष से विशेष पीड़ित है विवाह अदि में दिक्कत आ रही है| उन लोगो को भोजन कर के 10-4 धूप  में लम्बे काम के लिये   नहीं
जाना चाहिये ,भोजन कर के धूप में निकलना टहलना ,गप्प मारना वगैरह ऐसा करने से बचना होगा ।

जिन लोगो का मंगल कुपित है ऐसे लोगो को तेज़ मसाले तेज़ चीनी तेज़ नमक , ये घातक सिद्ध हो सकता है ,मंगल सीधे सीधे हड्डी या ब्लड से रिलेटेड समस्या दे सकता है ,खास तौर से ब्लड प्रेशर और circulation की और इन चीजों का ज्यादा प्रयोग होगा तो obviously समस्या आयेगी । डॉक्टर्स भी ये सलाह देते है न जादा नमक न जादा चीनी और मंगल यदि आपका कुपित है तो ये बात आपको माननी पड़ेगी नहीं तो आगे जा के
परेशानी हो जाएगी । मंगल जिन लोगो का ख़राब होता है उन्हें नशे से दूर रहना चाहिए । सिगरेट शराब किसी भी प्रकार का नशा कुपित मंगल वाले लोगो को काफी नुकसान दे देगा । ये रोग का कारण बन जायेगा (नशा )।

यदि आपका मंगल कुपित है और आप सिगरेट पीते ही नहीं लेकिन ऐसी जगह पे बैठते है जहाँ सिगरेट पी जाती है तो समझिये आपका मंगल आपको और बुरे परिणाम देगा ।शराब पियेंगे तो बेहद नुकसान । यदि आप ऐसे स्थान पे बैठते भी है जहाँ शराब पी जाती है या वहां रहते है तो भी आपको नुकसान होगा । आप महसूस करेंगे बहुत सारे लोग जिनके मंगल दोष बहुत जादा होता है यदि वो बच्चा शराब नहीं भी पीता है लेकिन उस बच्चे
के घर में नियमित रूप से शराब का सेवन होता है उस बच्चे के वैवाहिक जीवन पे बुरा असर पड़ने लगेगा । इसलिये कुपित मंगल में इन दोनों चीजों का सेवन न करे या इनसे दूर रहे । वरना ये आपके स्वास्थ्य के लिये आपके वैवाहिक जीवन और आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिये भी समस्या बन जायेगा ।

यदि आपका मंगल कुपित हो तो आप फलो का सेवन जादा करिये आप अधपकी सब्जियों का सेवन जादा करिये यानि बहुत तली हुई या पकी हुई सब्जियों की जगह अधपकी सब्जियों का सेवन करे मतलब हल्दी नमक इत्यादि डाले हल्का फुल्का भून के  कि वो खाने लायक हो जाये सेवन कर ले ।यदि कुपित मंगल वाले लोग मदिरा मांस आदि  का सेवन करते है तो संपत्ति और शरीर दोनों की बहुत हानी होती है । बहुत मसालों का प्रयोग करते है तो भी शरीर की बहुत जादा हानी उसमें होती है ।

जीवन मन्त्र :– कभी कभी हम लोग बहुत सारी  शारीरिक और मानसिक परेशानियों में फंस जाते है ऐसे में ॐ जूं सः मम पालय पालय मन्त्र का जप करे कुछ लोग जो इसको बहुत लम्बे समय तक जपते है उनको ये मन्त्र सिद्ध हो जाता है और वो दूसरो की मदद करने में भी सक्षम हो जाते है ।
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बुध यदि कुपित हो तो (बुध बहुत जल्दी नाराज होते है )
और बुध यदि दशाओ में भी कही है ,महादशा में है अन्तर्दशा में है या
प्रत्यंतर में है तो कभी भी तनाव में या जल्दी बाजी में भोजन न करिये ।
भले ही भोजन छोड़ दे लेकिन तनाव या जल्दबाजी में भोजन न करियेगा ।

ये आपके कुपित बुध को मजबूत कर के धन की हानी करायेगा ।
गृहस्थी में परेशानिया देगा पेट ख़राब कर देगा ।

ऐसे लोगो (जिनका बुध ख़राब है ) को दाले बहुत कम खानी चाहिये मतलब लिमिटेड यानि
जितना कटोरी भर प्रोटीन के लिये जरूरी है बस उतना ।
बहुत जादा दाले ऐसे लोगो को नहीं खानी चाहिये । कच्ची सब्जिया न खाये ।
बहुत जादा तला पका खाने को नहीं कह रहे लेकिन कच्ची सब्जिया न खाये ।

शीशे के बर्तन में भोजन न करे और न जल पिये । देर रात का भोजन कतई नहीं करना है ।
नमकीन चीजों का सेवन भी आपको बहुत कम करना है । और देखिये बुध जितना कुपित होगा
उतना आपकी रूचि उत्पन्न करता चला जायेगा चाट पकौड़े आदि खाने में ।
तेज़ नमकीन या पैक्ड नमक वाली चीज़े खायेंगे या कभी कभी ऐसे लोग खाने की चीज़ के ऊपर नमक जरूर डालना
शुरू कर देते है । समझिये की ये बुध नुकसान पहुंचा रहा है ।
रिश्तो में दरार कर देगा । ख़राब करेगा पैरो में दर्द करेगा और बिजनेस में आपको नुकसान पहुंचा देगा ।

ऐसे लोगो को केचप सिरका अचार वगैरह का सेवन बहुत कम करना चाहिये । (छोड़ दे तो जादा अच्छा है )
कम से कम तब तक तो छोड़ ही दे जब तक उस बुध की महादशा या अंतर दशा या प्रत्यंतर दशा चल
रही हो । यदि बुध आपका कुपित हो तो जमीन के निचे निकलने वाली सब्जिया और फल बहुत कम
ले । न ही ले तो जादा अच्छा है । जितना जादा आप लेंगे उतना ही ये आपके भाग्य को
कम करता चला जाएगा ।  वाणी पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा ।
फैट पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा । गले पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा ।
बेलो पर लटकने वाली सब्जिया होती है उनका सेवन जादा करे जैसे लौकी है ,कद्दू है ,
एक ग्रह जो कुपित हो के काफी कुछ ख़राब कर सकता है वो बुध है वाणी व्यापर,
मैथमेटिकल एबिलिटी भी कमजोर कर देता है वो इन उपायों से मैनेज किया जा सकता है ।

शास्त्रों में तीर्थ जाने की सलाह दी जाती है क्यूंकि जब भी जीवन में बड़े हादसे जीवन को अव्यवस्थित कर दे तब तीर्थ जाये ताकि जल में नाभि तक डूब के स्नान करे क्यूंकि वहां सकारात्मक उर्जा होती है और ऐसी जगहों पे स्नान आदि करने से उर्जा बढ़ जाती है शरीर में ।

बृहस्पति
जिस कुण्डली में बृहस्पति कुपित हो गया वहां चीज़े संभाले नहीं संभलती । यदि बृहस्पति कुपित है तो व्यक्ति यदि साधू की तरह भोजन करे तो सम्मान पायेगा । अन्यथा सम्मान नहीं पायेगा । यदि भोगी की तरह भोजन करेगा तो उसका सब कुछ चला जायेगा । ऐसे लोगो को जिनका बृहस्पति कुपित है केवल दोपहर के समय ही भोजन करना चाहिये। सुबह और शाम नहीं । गुड का सेवन चाहे थोडा सा या जादा जरूर करे । यदि डॉक्टर ने मना किया है तो अलग बात है । हल्दी का सेवन ऐसे लोगो को जरूर करना चाहिये । बृहस्पति संतुलित करने के लिए हल्दी का सेवन जरूर करे ।
एक टिप जाड़ो में अंजीर जरूर खाया करिये (इस बात को बृहस्पति के साथ साथ जोड़ लीजिये अपनी जिंदगी में )
अंजीर खाने से शरीर को बल मिलता है और शरीर में गर्मी भी आती है ।

कुपित शुक्र है तो शरीर में बहुत सारे रोग होंगे ही होंगे । बहुत मुश्किल से आप बच पायेंगे रोगों से शरीर बहुत बेजान सा लगने लगेगा । ओज, उर्जा, व चमक  न शरीर में नजर आयेगी न चेहरे पे ,कोई attract भी नहीं होता शुक्र बहुत बुरे फल देगा कुपित हो के यदि जातक ठंडी और मीठी चीजों का या शराब का सेवन करेगा । यदि आपका शुक्र कुपित है तो ठंडी और मीठी चीजों का सेवन बेहद कम कर दीजिये शराब का सेवन बिलकुल मत करिये । और ये आसानी से हो नहीं पायेगा क्यूंकि शुक्र यदि बहुत कुपित अवस्था में होगा तो ठंडी चीज़े खिला खिला के बीमार करेगा या मीठी चीज़े खिला खिला के बीमार करेगा । शराब के सेवन की तरफ उकसायेगा आप बहाने बनायेंगे की भई मेरी तो सोसाइटी ऐसी है मै क्या करूँ ? सोसाइटी थोड़े आपके मुह में शराब डाल देती है । ये तो व्यक्ति होता है जो उससे प्रभावित हो कर मुह में शराब डालता है । यदि शुक्र कुपित है और आप ठंडा मीठा बहुत खा रहे है शराब वगैरह पी रहे है तो कुपित शुक्र संतान उत्पत्ति की क्षमता ख़त्म कर देगा ।
बहुत से लोग कहेंगे की हमारे तो संतान है यहाँ संतान उत्पत्ति की क्षमता की बात हो रही है । जिन लोगो का शुक्र बहुत अच्छा होता है उनके द्वारा उत्पन्न संतान बहुत मजबूत होती है ।जैसे जैसे संतान उत्पत्ति की क्षमता कम होती है वैसे वैसे उत्पन्न होने वाली संतान कमजोर होती जाती है । चाहे मन से हो या तन से हो । जिनका शुक्र कमजोर है उन्हें तनाव या जल्दी बाजी में भोजन नहीं करना चाहिये । ये बहुत नुकसान देता है होर्मोनल disturbance देता है ।
बहुत जादा मीठा या ठंडा आप लेंगे तो कोई असाध्य रोग भी शुक्र आपको दे देगा । और समस्या ऐसे में बहुत जादा हो जाती है । ऐसे लोगो को जौ का सेवन जरूर करना चाहिये । और ईश्वर न करे बीमार हो तो गोमूत्र का सेवन जरूर करे ।शुक्र यदि पहले छठे सातवे ,बारहवे भावों में है तो उत्तम शुक्र राजा बना देगा और नहीं तो यदि ये लत लगा दी आपमे शुक्र ने तो मतलब अब दर दर तक भटकना पड़ सकता है । यदि शुक्र कुपित हो जाये तो ये चीज़े खाना छोड़ दीजियेगा immediately ।
ग्रह यदि प्रसन्न हो जाये तो राजा और नाखुश हो जाये तो रंक बना देंगे

प्रथम भाव में उत्तम शनि राजा के समान बना देगा । लेकिन ऐसा व्यक्ति यदि नशा करे तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जायेगी रंक जैसी जिंदगी हो जायेगी । कोई असाध्य रोग उसे पकड़ लेगा । ये ज़बरदस्त सही सिद्धांत है । छठे भाव में शनि हो तो नशा व मांस नहीं ले वरना घर बार द्वार स्वास्थ्य  में घोर कष्ट होगा । घर में भी परेशानी बाहर भी परेशानी ,स्वास्थ्य में भी परेशानी । नवाँ और दसवा शनि चाहे कितना भी शुभ क्यूँ न हो तामसिक भोजन से बेहद  नुकसान करता है । शनि एक ऐसे ग्रह है जिनमें +विटी बहुत उच्च कोटि की है लेकिन ये हमेशा आपके सामने tests ले के आते रहते है । यदि आप दयावान है अध्यात्मिक है धर्म को मानते है चाहे किसी भी धर्म को मानते हो उस धर्म के नियमो को अपनी जिंदगी में उतारते है जो ज्यादातर लोग नहीं कर रहे और गरीबो की
मजदूरों की आप मदद करते है । जिन लोगो के शरीर के अंगो में दिक्कते है उनकी यदि आप मदद करते है तो ये शनि कितना भी ख़राब क्यूँ न हो नीच का भी क्यूँ न हो नीच का हो के 6,8वे ,12वे भाव में ही क्यूँ न हो इसका नीच भंग ही हो रहा हो , नवमांश में भी परम  नीच का क्यूँ न हो रहा हो बावजूद उसके यह आपको नुकसान नहीं देगा
और इसकी दशा में कुछ न कुछ सेटलमेंट बड़ा जरूर होगा । और वही शनि यदि आपका उच्च का भी है नवमांश में भी उच्च का है लेकिन आप स्वार्थी है जरा जरा सी बात पे दूसरो की निंदा करते है धार्मिक कार्यो से दूर हो जाते है अपने जीवन साथी की उन बातो में आते है जो बाते सही नहीं है शास्त्रोक्त नहीं है ,या उन मित्रो की बातो में आते है जो आपको गलत राह पे डाल देते है और आप उस राह पे चल देते है तो यही शनि आपकी जिंदगी को हमेशा हिला
के रख देगा स्थायित्व की आपके अन्दर बेहद कमी कर देगा ।
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राहू की दशा में मछली या मछली से सम्बंधित कोई भी वास्तु खायी तो महा संकट आता है । लड़ाई झगडे मुक़दमे ये सब बढ़ जाते है ।राई खटाई मिठाई ये तीनो चीज़े शनि और राहू को बहुत ख़राब करती है खास तौर पे यदि आपका राहू बहुत ख़राब हो तो राई खटाई मिठाई इन तीनो चीजों से बहुत दूर रहे । इनका कम सेवन करे (कभी कभार खा लेने में  कोई बात नहीं कम सेवन करे ) --------------------------------------------------------------------------------------
केतु यदि आपका ख़राब चल रहा है केतु की दशा से आप गुजर रहे है तो उड़द और बीजवाले फल
या बेल पर लगने वाले फल केतु को कुपित करते है इन चीजों से बचना होगा ,यदि आप बच गये तो
केतु आपको बहुत फायदा देगा । सामान्य फल यदि आप खाते है केतु की दशाओ  में यदि केतु कुपित है
तो सामान्यतः कोई दिक्कत नहीं है । जमीन के निचे उगने वाली सब्जियों को यदि आप खाते है तो
आपको बहुत अच्छे परिणाम मिलें मिलेंगे । यदि आप बेहद सादा भोजन करते है और अपने भोजन का
कुछ हिस्सा कुत्ते के लिये निकाल के रखते है तो केतु कभी भी आपको बुरे परिणाम नहीं देगा ।

यदि आप अपने तन मन धन का कुछ हिस्सा समाज के लिए देते है तो केतु आपको बेहद फायदा करेगा
यदि आप अध्यात्मिक कार्य करते है तो केतु आपको बहुत लाभ देता है । आप पढाई लिखायी यदि करते है
तो बृहस्पति और केतु से  आपको बहुत उच्च कोटि के परिणाम मिलते है ।

कुपित ग्रह वैसे तो नुकसान ही करेगा लेकिन यदि कुपित ग्रह की चीजों को हम अपने व्यवहार से
भोजन से बाहर  ले आते है तो वो फिर उतना नुकसान नहीं करेगा ।

जाड़ो में अगर बहुत गरिष्ठ  भोजन करे तो उसके बाद  बहुत हलकी सी
बिना दूध की चाय अथवा कॉफ़ी जरूर ले लिया करे
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जानिए कैसे हम अपने भोजन (आहार) द्वारा भी ग्रहों का असर/प्रभाव बढ़ा सकते हैं--
 सूर्य :-सूर्य अगर मजबूत हो तो हमें मान- सम्मान, सुख-समृध्धि मिलती है पिता का संग और सहयोग मिलता है. अगर सूर्य कमजोर हो तो मुंह में थूक ज्यादा बनेगा, होंटों के किनारों पर थूक इकट्ठा हो जाता हैं. पिता से नहीं बनेगी, सरकार से या सरकारी नौकरी में सस्पेंड होना या झूठे आरोप लगना मान सम्मान को ठेस पहुंचना आदि परेशानी रहेगी | सूर्य को बल देने के लिए चौकर वाले आटे की रोटी खाएं , फल अधिक खाएं निहार मुंह गुड़ खाकर ऊपर से पानी पीयें, ग्वारपाठा का सेवन करें रोज़ाना व्यायाम करें सूर्य को जल दें.

चन्द्र :-  माँ से दूरी बन जाये, जातक वहमी हो जाये, हाथ-पैर शिथिल पड़ जाएँ, चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ जाएँ, मन में उमंग ख़ुशी न रहे तो समझें चंद्रमा खराब है | चंद्रमा को ठीक करने के लिए दूध में हरी इलायची डालकर पियें खीर खाएं, केवडा डालकर और चांदी के गिलास में पनीर और , दूध पीयें लीची, पनीर,नारियल खाये और मखाने की खीर खाने से चन्द्र मजबूत होता है. जंक फ़ूड खाने से बचें क्योंकि इससे राहू एक्टिव हो जाता है.
मंगल :-   जल्दी थकना, भाई-बहन से झगड़ा हो या दूरी बन जाये , चोट ज्यादा लगे हड्डीयो का टूटना शरीर में खून की कमी हो जाये और शरीर में ऊर्जा की कमी रहें, तो समझ लें मंगल ख़राब हैं पपीता, चुकंदर खाने से मंगल मजबूत होता है. गुड़ डालकर मीठी लस्सी पीयें, मंगल मजबूत होगा लौकी, तौरी की सब्जी खाएं
बुध :-  ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार  यदि बुध कमजोर होगा तो दांत ख़राब होंगे, जातक अपने विचारों को अभिव्यक्त नहीं कर पायेगा, स्किन (त्वचा) के रोग हो जाते हैं, बुद्धि ख़राब हो जाती है मेमोरी कम हो जायें इसके लिए हरी मिर्च,आंवला, हरी सब्जियों का खूब सेवन करें तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पीये.
गुरु:-   गुरु ख़राब हो तो जातक मोटा होता चला जाता है, आपसी रिश्ते बिगड़ जाते है लीवर ख़राब हो जाता है अस्तमां सांस की बीमारी हो इसके लिए अनार और पपीता गन्ना खायें , गुड खाएं. सूर्य अगर सम्मान देता है तो गुरु उस सम्मान को बनाये रखता है. इसलिए गुरु को मजबूत रखें सांस की बीमारी हो तो रात को दूध में दो चुटकी हल्दी डालकर पीये. केला के सेवन से भी गुरु मजबूत होता है
शुक्र :-   शुक्र ख़राब हो तो तन,मन,धन सब पर ग्रहण लग जाता है धन, वैभव,ऐश्वर्य सभी कुछ शुक्र अच्छा हो, तो ही मिलता है अतः शुक्र को बली रखने के लिए साबूदाने की खीर खाएं, पनीर खाएं, छेना तथा छेने की बनी मिठाइयां खायें, दूध पछाड़कर उस पानी को पीने से भी शुक्र मजबूत होता है
शनि :-   व्यवहारिक जीवन में कुछ पाना है तो शनि मजबूत होना चाहिए उड़द राजमा,खाये चावल आदि में (लौंग) डालकर खाएं,  राई का पानी पीयें,  शनि मजबूत होगा
राहु/केतु :-   राहु शनि के सामान है और केतु मंगल के समान. अतः, शनि और मंगल की चीजें खानी चाहिए

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