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गलत साइन कर मंगवा लिए मेडिसीन और मटेरियल

लोकायुक्त में हुई शिकायत, पूर्व सिविल सर्जन सहित दो से मांगा जवाब

उज्जैन।
 सिविल सर्जन कार्यालय उज्जैन में मेडिसिन और मटेरियल सप्लाय के आर्डर में हुई अनियमित्ता की शिकायत के बाद लोकायुक्त उज्जैन से आये पत्र से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इसमें बड़ी चतुराई से खरीदी के समय संबंधित कर्मचारी ने एक सिविल सर्जन के फर्जी साइन करवा लिए। वहीं एक अन्य आर्डर में जो आर्डर के समय सिविल सर्जन थे, उनके साइन न करवाते हुए दूसरे अधिकारी के साइन करवा लिए। मामले में लोकायुक्त से ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर सहित एक कर्मचारी को पत्र मिला है। इस कारनामे को अंजाम दिया यहां वर्षों से स्टोर का काम करने वाले एक कंपाउंडर ने। हालांकि अब यह कंपांडर यहां पदस्थ न होकर सीएमएचओ स्टोर में कार्यरत है।
सिविल सर्जन कार्यालय उज्जैन में वित्तिय वर्ष 2018-19 में संपूर्ण राज्य मद एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मद से मेडिसिन और मटेरियल मंगवाए गए थे। इसमें आर्डर नंबर 961/ पर्चेस /18-19 दिनांक 10/08/2018 के माध्यम से मेसर्स भावना मेडिकल एजेंसी तिलक मार्ग, इंदौर गेट उज्जैन से कुल 6900/- रूपये का आर्डर मंगवाया गया था। इस आर्डर में कांट-छांट तो की ही गई, लेकिन यहां सिविल सर्जन के साइन भी फर्जी कर दिये गये। इस मामले में पूर्व सिविल सर्जन डॉ. राजू निदारिया से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यह साइन मेरे है ही नहीं। यदि ऐसा किया गया है तो यह गंभीर अनियमित्ता की श्रेणी में आता है। सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य विभाग में क्या इतनी अंधेरगर्दी है कि कुछ भी आर्डर कर लो और किसी के भी साइन कर भुगतान करवा दो। अगर इस मामले में गंभीरता से जांच हुई तो यह सीधा-सीधा 420 का मामला बनता है। अब देखना यह है कि विभाग द्वारा जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

बिना जानकारी ही करवा लिए अधिकारी से साइन
लंबे समय से सिवल सर्जन, सीएमएचओ स्टोर का काम देख रहे इस कर्मचारी ने बड़ी चतुराई से आर्डर नंबर 2428/पर्चेस/18-19 दिनांक 20/12/2018 से 8880 रूपये का आक्सीजन फ्लो मीटर मेसर्स भावना मेडिकल एजेंसी तिलक मार्ग, इंदौर गेट, उज्जैन से, आर्डर नंबर 2413/पर्चेस/2018-19 दिनांक 30/12/2018 से 63950 रुपये का पेथॉलाजिकल आयटम की 15 किट मेसर्स मेडिनोवा जबलपुर से और आर्डर नंबर 2408/पर्चेस/18-19 दिनांक 30/12/2018 को 35500 रूपये की सामग्री मेसर्स यश इंटर प्राइजेस लश्कर ग्वालियर से माधव नगर हास्पिटल उज्जैन के लिए आर्डर की गई। इस आर्डरों में महत्वपूर्ण बात यह रही है कि इस समय सिविल सर्जन डॉ राजू निदारिया पदस्थ थे। लेकिन आर्डर पर साइन अस्पताल में ही पदस्थ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन वर्मा के हैं।

दो बार मुख्यालय छोड़ा डॉ. निदारिया ने लेकिन नहीं दिया डॉ. वर्मा को चार्ज
हमारे पास मौजूद विभागीय दस्तावेजों के अनुसार दिनांक 10/7/2017 को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश से जारी हुए आदेश क्रमांक/01जी /विज्ञप्ति/सेल-05/2017/2023 में कुल 15 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना प्रदान की गई थी। इनमें क्रमांक 3 पर निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजू निदारिया को सिविल सर्जन उज्जैन पदस्थ किए जाने का आदेश था। डॉ. राजू निदारिया ने सिविल सर्जन पद पर रहते हुए सिविल सर्जन कार्यालय के पत्र क्रमांक/स्थापना/ 2018/9390 से दिनांक 11/7/2018 को पत्र जारी किया गया। जिसमें शासकीय कार्यवश मुख्यालय से बाहर रहने पर जिला चिकित्सालय में पदस्थ पैथालॉजिस्ट डॉ. एस.एन. भिलवार को 12 जुलाई 2018 को चार्ज सौंपा गया। इसी तरह पत्र क्रमांक/स्थापना/ 2018/12444 से दिनांक 6/12/2018 को जारी पत्र के माध्यम से दिनांक 7 एवं 8 को मुख्यालय से बाहर रहने पर चालू कार्यभार मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. एच.पी. सोनानिया को सौंपा गया। इसके बाद डॉ. राजू निदारिया विभागीय रिकार्ड अनुसार छुट्टी पर नहीं थे। दिनांक 14 जनवरी 2019 को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उज्जैन के पत्र क्रमांक /स्थापना/ 2019/1197 से प्रशासनिक कार्य सुुविधा की दृष्टि से डॉ. राजू निदारिया सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक उज्जैन का प्रभार तत्काल प्रभाव से डॉ. पी.एन. वर्मा ईएनटी विशेषज्ञ को सौंपने का आदेश निकाला गया।

डॉ. वर्मा और जोगलेकर को लोकायुक्त से आया पत्र
खरीदी के समय जिम्मेदार अधिकारी के साइन न कराते हुए अन्य अधिकारी के साइन कराना स्टोर प्रभारी संजय जोगलेकर को भारी पड़ सकता है। क्योंकि इन सभी आर्डर में कार्यालय प्रमुख के साथ स्टोर के जिम्मेदार के जो इनिशियल साइन होते हैं उसमें जोगलेकर ने साइन किए हैं। जोगलेकर ने जानते हुए भी जब डॉ. राजू निदारिया सिविल सर्जन है तो डॉ.पी.एन. वर्मा के साइन करवाये है। मामले की शिकायत लोकायुक्त में सप्रमाण पत्रकार पराग पांचाल द्वारा की गई थी। लोकायुक्त उज्जैन से दोनों को ही पत्र मिला है।  इस मामले में डॉ. पीएन वर्मा ने भी जोगलेकर से सभी दस्तावेज मांगे हैं। डॉ. वर्मा ने यहां तक कहा कि यह साइन या तो मुझसे बेक डेट में करवाए गए हैं या फिर मेरे साइन फर्जी हो सकते हैं।


इनका कहना है

मेरे सिविल सर्जन कार्यकाल में मैंने कभी भी डॉ. वर्मा को चार्ज ही नहीं दिया। साथ ही एक-दो दिन के अवकाश में वित्तिय अधिकार देने का नियम भी नहीं है। मेरी जानकारी में मामला आया है, अगर ऐसा सच में हुआ है तो जिम्मेदारों पर निश्चित रूप से कार्यवाही होना चाहिए।
डॉ. राजू निदारिया, पूर्व सिविल सर्जन, उज्जैन

हां मुझे भी इस तरह के साइन होने की जानकारी लगी है। जब मैं उस समय सिविल सर्जन नहीं था तो मैं साइन कर ही नहीं सकता हंू। मुझसे अन्य कागजों के साथ इन आर्डरों पर भी साइन करवा ली गई है।
डॉ. पी.एन. वर्मा, ईएनटी विशेषज्ञ, जिला चिकित्सा उज्जैन

इस मामले में अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हंू। लोकायुक्त को मैं अपना पक्ष रखूंगा।
संजय जोगलेकर, स्टोर प्रभारी सीएमएचओ

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