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शराब छोड़ चुके लोगों का अनूठा समागम

एल्कोहोलिक एनोनिमस संगठन करता है मदद
उज्जैन
। शराबी होना एक लत नहीं बल्कि जान लेवा बीमारी है। वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और कई विदेशी मेडिकल कांउसिल ने इसे एक बीमारी के रूप में मान्यता दी है। साथ ही इसे एक जानलेवा बीमारी भी बताया है। इस लत को छुड़ाने के लिए एल्कोहोलिक एनोनिमस (ए.ए.) एक विश्व व्यापी संगठन है जो ऐसे सभी व्यक्ति विशेष जिनकी शराब से दूर रहने की इच्छा है उन्हें नि:शुल्क मदद करता है। इसके लिए संस्था ने उज्जैन में अपना हेल्प लाइन नंबर 8889595230 जारी किया है।
एल्कोहोलिक एनोनिमस संस्था का राष्ट्रीय समागम का शुभारंभ शुक्रवार को नानाखेड़ा स्थित एक निजी होटल में किया गया। शुभारंभ विधायक डॉ. मोहन यादव, महापौर मीना जोनवाल, अपर कलेक्टर आरपी तिवारी, प्रणव पुरी महाराज, डॉ. आशीष देशपांडे ने किया। कार्यशाला 22 सितंबर रविवार तक सुबह 9 से रात10 बजे तक चलेगी।  इसमें संस्था द्वारा पूरे दिन अलग-अलग सत्रों में चर्चा के साथ, गीत-संगीत का आयोजन भी किया जा रहा है। आयोजन में देशभर से करीब छह सौ से अधिक प्रतिनिधी हिस्सा लेंगे।  
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. आशीष देशपांडे ने कहा कि शराब की लत भी अन्य बीमारियों की तरह है। जब शराब शरीर में जाती है तो दिमाग के एक भाग में गहरा असर करती है। इससे शराबियों का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना हो जाता है और वे समाज से अलग थलग होने लगते हैं।
संस्था के बारे में
ए.ए. एक ऐसी संस्था है जो पूर्व में शराब के लत के आदी थे लेकिन अब लोगों को शराब की लत से बचाने के लिए कार्यरत है। यह संगठन दुनिया के 185 देशों में सफलता पूर्वक कार्यरत है। दुनिया में करीब 40 लाख और भारत में तकरीबन 60 हजार लोगों को संगठन द्वारा शराबीपन की बीमारी दूर करने में सफल रहा है। संस्था का साहित्य लगभग 80 भाषाओं में छपता है। उज्जैन में भी संस्था से जुड़े लोगों ने अपनी इस बीमारी से छुटकारा पाया है और भी लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। संस्था संपूर्ण रूप से आत्मनिर्भरता पर काम करती है। सदस्यों से न तो वह चंदे की अपेक्षा रखती है और ना ही अंशदान स्वीकार किया जाता है। साथ ही संस्था भी अनाम है, इसका मूल आध्यात्मिक आधार है। इसमें संघ में व्यक्तियों से ज्यादा तत्वनिष्ठा से संचालित होने का अनुशासन दिया जाता है। संस्था का उद्देश्य मद्यपान छोडऩे की जानकारी देने का है, न कि इसमें सहभागी व्यक्तियों के परिचय देने का। इसी वजह से संस्था अनाम ही है।

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