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बजरंग दल ने की बांग्लादेशी रोंहिग्या के खिलाफ कार्रवाई मांग

कंट्रोल रूम पर किया प्रदर्शन-बिना पुलिस वेरीफिकेशन के उज्जैन में रह रहे रोंहिग्या मुसलमानों को बताया आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा
उज्जैन। उज्जैन में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बजरंग दल जिला संयोजक अंकित चौबे के नेतृत्व में पुलिस कंट्रोल रूम पर एक ज्ञापन एसपी के नाम दिया गया। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा दिये गये ज्ञापन में कहा कि बांग्लादेशी रोंहिग्या अवैध रूप से बिना किसी पुलिस स्टेशन पर सूचना के उज्जैन में आकर बस गए हैं जो शहर एवं देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है। 
अंकित चौबे ने ज्ञापन देते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से बाबा महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन में बड़ी तादात में बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमान अवैध रूप से डेरा डाले हुए हैं जिसमें उज्जैन के कुछ उद्योगपति की भूमिका संदिग्ध है। पिछले कुछ समय की घटनाओं से देखने में आया है की इन लोगों को ये उद्योगपति अपनी फैक्ट्री में कार्य करने के नाम पर यही पनाह दिए हुए हैं जिसका कोई भी लिखित विवरण न तो पुलिस प्रशासन के पास है और न ही श्रम विभाग के पास।
विदित है कि उज्जैन एक धार्मिक नगरी है और पूर्व में आतंकवादी संगठन सिमी इस क्षेत्र में सक्रिय रहा था लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से लगभग उसका अंत इस क्षेत्र से कर दिया गया है पर इन बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमान का कोई भी लिखित विवरण न होने से इनके लिए अपराध करना व किसी बड़े घटनाक्रम की ओर इशारा करता है। अंकित चौबे के साथ विहिप जिलाध्यक्ष अशोक जैन चायवाला, रोहित शर्मा, मोहन जायसवाल, शेलू यादव, शिवनारायण शर्मा, विशाल गना फतरोड़, श्याम जाट, आकाश शर्मा, रजत शर्मा, अमन शिंदे, भरत पांचाल, अशोक मेवाड़ा, रूपम राठौर, आदित्यसिंह राजपूत, आनंद निगम, भावेश वर्मा ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उज्जैन मे अवैध रूप से रहने वाले इन बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमान की तुरंत जांच की जाए एवं इनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाकर उज्जैन को किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचाया जाए।

ज्ञापन सौंपकर बजरंग दल ने कुछ उद्योगों के नामों की सूची सौंपी जहां अवैध रूप से बांग्लादेशी रोंहिग्या मुसलमान कार्य कर रहे हैं इनमें शुभम प्लास्टिक मक्सी रोड उद्योगपुरी, इंडियन बेकरी मक्सी रोड उद्योगपुरी, बेमिसाल बेकरी मक्सीरोड उद्योगपूरी, बेमिसाल बेकरी नागझिरी, शेसवानी मोहल्ला और मिर्चिनाले पर रजाई वाले के सामने जो मल्टी है उसमें कई बांग्लादेशी रह रहे है, जो हिन्दू समुदाय पर किये गए पथराव में भी शामिल थे। कुछ युवक सोमवारिया क्षेत्र में बेकरी के काम मे संलिप्त है और मदीना नगर में निवास करते है।

डकैती के आरोपी निकले थे बांग्लादेशी

ज्ञापन में कहा कि पूर्व में बैंक अधिकारी नायक के घर हुई डकैती के 5 आरोपी बांग्लादेशी निकले थे। कुछ माह पूर्व हिन्दुओं के पवित्र त्यौहार गणपति चतुर्थी के समय शहर के सेंसेटिव क्षेत्र गणेश चौराहा खजुरवाली मस्जिद पर शहर का माहौल खराब करने का कार्य इन्हीं बांग्लादेशी घुसपैठियों ने किया था जिसकी लिखित शिकायत भी एसपी ऑफिस में ज्ञापन के माध्यम से दर्ज करवाई गई थी।

बेकरियों, व्यापारियों के यहां कम कीमत में कर रहे काम

इन घुसपैठियों ने उज्जैन के व्यापारियों से कम कीमत में कार्य करने के नाम पर सम्बन्ध तो बना लिए है लेकिन इसकी कीमत बहुत बड़ी चुकानी पड़ सकती है। जिसका उदाहरण इंदौर में कुछ माह पूर्व सोना चांदी व्यापारियों द्वारा कार्य करने के लिए दिया गया तो सोना चांदी गायब करने का मामला भी सभी के संज्ञान में है। उज्जैन में भी लखेरवाडी में इसी तरह से ये लोग व्यापारियों से कार्य करने के लिए सामान अपने रूम पर ले जाते है जो भविष्य में कोई भी बड़ी घटना को अंजाम देने के संकेत हैं और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि उज्जैन की बहुत सी बेकरियों के उद्योग में ये लोग बिना किसी जानकारी के कार्य कर रहे है और रहते भी इन्हीं उद्योग के अंदर है जिसकी जानकारी किसी के पास नहीं होती की ये कितनी संख्या में अंदर रहते है कितने लोग काम करते है ओर ये किस किस जगह से आए है जो कि एक धार्मिक नगरी की दृष्टि से बड़ा ही चिंतनीय विषय है।

गिरफ्तार हुए तो पता चला बांग्लादेशी हैं

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जून का ताजा उदाहरण इसका प्रमाण देता है कि इनके उद्देश्य कुछ ओर है नागझिरी क्षेत्र की एक छोटी सी सैलून की दुकान पर 3 लोगों द्वारा रंगदारी करने व उनकी बात न सुनने पर उनके 40 से अधिक साथियों को एक साथ इकट्ठा कर उस पर हमला करने का मामला सामने है। जिन 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन दोनों ही लोगों का कोई आईडी कार्ड नहीं है ओर न ही उनके यहां रहने और कार्य करने की सूचना सम्बन्धित थाने को है जो साफ तौर पर दर्शाता है कि श्रम कानून ओर नगर की सुरक्षा के लिए बनाया गया कानून दोनों का ही उलंघन लगातार कई वर्षों से हो रहा है।

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