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महाकाल मंदिर के चारो तरफ अवैध कब्जे, संतो और हिन्दू संगठनों की चुप्पी दु:खद-यति नरसिंहानन्द सरस्वती

गैर सनातनी धर्मियों की घुसपैठ से उड़ रहा धर्म का मखोल
सभी राजनैतिक दल मुस्लिम वोटों के सामने अपने धर्म को कुर्बान कर चुके हैं-स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती
उज्जैन। राष्ट्र में हिन्दू हितेषी और धर्म रक्षकों का अभाव महसूस किया जा रहा है। यही वजह है की राष्ट्र और हिन्दू विरोधी संगठन और संस्थाएं भारत पर विभिन्न अनैतिक गतिविधियों के माध्यम से हमला कर रही है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के आस पास गैर सनातनी धर्मियों और राष्ट्र विरोधी गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। हिन्दू जागरण और राष्ट्र वाद की जनचेतना के लिए उज्जैन में जल्द ही हजारो साधु संतों की मौजूदगी में धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। फिलहाल इसकी कार्य योजना तैयार करने के साथ साधु संतों से  विचार विमर्श किया जाएगा।
यह बात अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी (महंत शिव शक्ति धाम डासना गाजियाबाद) ने चारधाम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी महाराज, स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती जी महाराज और बाबा परमेन्द्र आर्य जी के साथ उज्जैन में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
आपने महाकाल मंदिर के चारो तरह हो चुकी अवैध गैर सनातनी घुसपैठ पर घोर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा की जिस तरह महाकाल मंदिर की इस दुर्गति पर संत समाज और हिन्दू संगठनों का मौन ये बताने को पर्याप्त है की अब हिन्दू समाज अपने अस्तित्व की रक्षा में अक्षम होता जा रहा है।धर्मनिरपेक्षता की आड़ में जिस तरह से सनातन धर्म को समाप्त किया जा रहा है,वह बहुत ही दुखद और पीड़ादायक है।
यह गैर सनातनी घुसपैठ कोई अचानक नहीँ हो गयी है बल्कि बहुत ही सुनियोजित तरीके से की गयी है।सबसे दुःखद विषय तो यह है की यह सारी घुसपैठ हिंदुत्व की ठेकेदार भारतीय जनता पार्टी के 15 साल के शासन में हुई है। अब नई सरकार में महाकाल मंदिर का भविष्य में क्या होगा,ये बहुत चिंता का विषय है।
अभी चुनावी माहौल है इसीलिये अभी कोई ठोस कदम उठाना सम्भव नहीँ है परंतु चुनावो के बाद यह मुद्दा पुरे देश के धर्माचार्यो के सामने लाया जाएगा और इसको लेकर उज्जैन में धर्मसंसद का आयोजन भी किया जायेगा।
प्रेस वार्ता में स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा की अब भारत की राजनीति कोई भी हिन्दू हितैषी नहीँ बचा है।अब सारे राजनैतिक दल मुस्लिम वोटों के लिये हिन्दुओ के हितों को कुर्बान कर चुके हैं।अब संत समाज को जागकर हिन्दू समाज के अस्तित्व के लिये लड़ना ही पड़ेगा।

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