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आमरण अनशन स्थगित, अब क्रमिक उपवास करेंगे

मामला पवित्र नगरी के आंदोलन का
कानून व्यवस्था के हित में लिया फैसला, अलग अलग स्थानों पर भक्त एवं संतजन रखेंगे उपवास
उज्जैन। उज्जैन शहर को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग को लेकर संत समाज द्वारा किए जाने वाले आमरण अनशन को कानून व्यवस्था के मद्देनजर आगामी समय तक स्थगित कर दिया गया है। हालांकि विषय को लेकर संत समाज प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर भक्तों और श्रद्धालुओं के साथ क्रमिक उपवास रखा जाएगा।
महामना कुशाग्रानंदजी के शिष्य, अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव, विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक और ऊर्जा फाउंडेशन के संस्थापक ऊर्जा गुरू श्री अरिहंत ऋषि जी महाराज और अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल के स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने बताया कि पौराणिक महत्व की नगरी उज्जैन को पूर्ण रूप से पवित्र बनाने एवं शहर से मांस-मदिरा की दुकानों को बाहर करने की मांग को लेकर संत-महंतों ने आमरण अनशन प्रारंभ करने का निर्णय लिया था। इस बीच राज्य शासन और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संतों-महंतों से लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपने आंदोलन को नहीं करने का आग्रह किया था। इस पर विचार किया गया कि लोकसभा चुनाव प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय प्रशासन के साथ साथ पुलिसबल भी इस प्रक्रिया में संलग्र है। संत समाज ने गुरूवार को बैठक कर विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि आमरण अनशन को आगामी समय तक स्थगित कर दिया जाए। संत समाज का मूल उद्देश्य महाकाल की नगरी को पवित्र घोषित करना है और इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी है। आंदोलन जन समर्थन से चल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन को जारी रखते हुए फैसला किया गया है कि संत समाज प्रतिदिन प्रतिकात्मक रूप से आंदोलन का संचालन करते हुए भक्तों और शिष्यों के साथ क्रमिक उपवास रखेंगे। आमरण अनशन को स्थगित करने क लिए हुई संत समाज की बैठक में महामना कुशाग्रानंदजी महाराज, दिग्विजयदास महाराज, विशालदास, वेदांतदास महाराज सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा मौजूद थे।
इसी दौरान लोक सभा चुनाव प्रक्रिया भी संपन्न हो जाएगी। इसके बाद आमरण अनशन की तिथि तय करेंगे। दोनों संतों ने बताया कि संत समाज का उद्देश्य अवंतिका को पवित्र बनाना है। अनावश्यक कोई विवाद खड़ा करना नहीं है। कानून व्यवस्था की स्थिति बनी रहे इसके लिए आमरण अनशन स्थगित कर दिया गया है। 
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व ऊर्जा गुरू अरिहंत ऋषि जी द्वारा संत समाज के साथ मिलकर अवंतिका को पवित्र नगरी बनाने की मांग के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को संतों नेेरक्त से हस्ताक्षर कर पत्र लिखे थे। संतों महंतों के साथ आम नागरिकों और श्रद्धालुओं का समर्थन जुटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत भी की गई है। पवित्र नगरी अभियान हस्ताक्षर में 1 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर कराने के बाद पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे। 

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