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लोकसभा चुनाव : बलाई समाज का प्रत्याशी नहीं तो दबाएंगे नोटा

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ली पत्रकारवार्ता
उज्जैन। तीन लाख से अधिक वोटो से जीतने वाले समाज के व्यक्ति का टिकिट काटने और विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशी को  टिकिट देने से बलाई समाज नाराज है। इसी विषय को लेकर अखिल भारतीय बलाई समाज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार एवं अन्य पदाधिकारियों ने उज्जैन में एक प्रेसवार्ता लेकर अपना विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि समाज के व्यक्ति को भाजपा द्वारा यदि टिकिट नहीं दिया जाता है तो फिर समाजजन नोटा का उपयोग करने में भी देरी नहीं करेंगे।
श्री परमार ने बताया कि उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र में समाज के करीब 4 लाख वोटर है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में समाज के प्रो. चिंतामणि मालवीय को टिकिट दिया था। वे पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए संसदीय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से 3 लाख से अधिक वोटों से विजयी हुए थे। यही नहीं वे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद दूसरे ऐसे सांसद है जो इतने अधिक वोटों से जीते हैं। बावजूद उनको टिकिट नहीं दिया गया है। इससे समाज जनों में गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि यदि प्रो. मालवीय को लेकर पार्टी शीघ्र निर्णय नहीं करती है तो समाजजन इसका विरोध दर्ज कराएंगे। श्री परमार ने बताया कि हमने यह मुद्दा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा दिया है। उन्हें वहां से आश्वासन मिला है कि समाजजनों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।
एक नजर लोकसभा सीट पर
उज्जैन में लोकसभा चुनाव 2014 में यहां से बीजेपी के चिंतामणि मालवीय ने करीब 3 लाख 31 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को हराया था। वर्तमान में कांग्रेस छोड़कर प्रेमचंद गुड्डू भाजपा में शामिल हो चुके है। उज्जैन आलोट लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 7 सीटें आती हैं। जिनमें नागदा-खाचरौद, घट्टिया, बडऩगर, महिदपुर, उज्जैन उत्तर,उज्जैन दक्षिण, आलोट और तराना। उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में 5 पर कांग्रेस और 3 पर बीजेपी काबिज हैं।

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