ब्रेकिंग न्यूज
logo
add image
Blog single photo

भाजपा बोर्ड में सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च

नेता प्रतिपक्ष ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर बारिश पूर्व नालों की सफाई की मांग की
उज्जैन। बारिश पूर्व शहर के नालों की सफाई कराने में भाजपा बोर्ड नाकारा साबित हुआ है। भाजपा बोर्ड द्वारा सफाई के नाम पर तीन गुना ज्यादा करोड़ों खर्च करने के नाम पर भ्रष्टाचार किया जिसके परिणाम स्वरूप आज स्थिति भयावह है। सफाई के नाम पर जेसीबी और पोकलेन मशीन पर करोड़ों खर्च कर दिये लेकिन काम के नाम पर धरातल पर शून्य नजर आ रहा है। यदि अब भी ध्यान नहीं दिया तो महापौर की अनदेखी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस बारिश भी लोगों के घरों में गंदा पानी घुसेगा और लोग पलायन को मजबूर होंगे। शहर के 5 बड़े नाले चौक हैं जरा भी बारिश आई तो कॉलोनियों और बस्तियों को जलमग्न होने में देर नहीं लगेगी। नेता प्रतिपक्ष ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर बारिश पूर्व शहर के नालों की सफाई कराने की मांग की है। उक्त बात नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र वशिष्ठ ने महाकाल मंदिर के पीछे रूद्रसागर के समीप बड़े नाले के निरीक्षण के दौरान कही। राजेन्द्र वशिष्ठपार्षद जफर एहमद सिद्दीकी, रहीम लाला आदि के साथ पहुंचे थे जहां रहवासियों ने बताया कि नाले में कचरा होने के कारण पानी गंदगी पसरी हुईहै। नाले का पानी चौक हो जाने के कारण बोरिंग तथा कुओं में भी गंदा पानी आ गया है। बच्चे, बड़े बीमार हो रहे हैं बदबू के कारण बुरा हाल है। पहले भी नालों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश में परेशानी आई थी और घरों में पानी घुसा था। घरों में सांप, डेंडू और जहरीले जानवर घुस आए थे। अब भीऐसा लगता है नगर निगम की लापरवाही के कारण हमें घर खाली कर इधर उधर जाना होगा। नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र वशिष्ठ ने बताया कि नगर निगम में बारिश के पूर्व सफाई होना चाहिये वह नहीं हुई। 15 दिन पहले ही कांग्रेस पार्षद दल ने ज्ञापन देकर नालों की सफाई कराने की मांग की थी। शहर के नानाखेड़ा क्षेत्र, ऋषिनगर, विश्वविद्यालय क्षेत्र, महाकाल क्षेत्र सहित 5 बड़े नाले दुर्दशा के शिकार है जो ब्लॉक पड़े हुए हैं। रूद्रसागर के समीप तो महाकाल मंदिर आने-जाने का रास्ता है जहां की सड़ांध देश विदेश से आने वाले श्रध्दालु अनुभव कर रहे हैं।
करोड़ो खर्च, स्थिति जस की तस राजेन्द्र वशिष्ठ ने कहा कि क्षिप्रा में खान का पानी मिल रहा है और वहीं पूरे शहरवासियों को पिलाया जा रहा है। शहर के सारे नाले क्षिप्रा नदी में मिल रहे और स्मार्ट सिटी के नाम पर तथा सिंहस्थ के नाम पर करोड़ों खर्च हुए स्थिति जस की तस है।

ताजा टिप्पणी

टिप्पणी करे

Top